Kabir Bhajan जाग मुसाफिर जाग - घणा दिन सो लियो रे Jaag Musafir Jaag
#APRPRODUCTIONOFFICIALPresent- Kabir Bhajan जाग मुसाफिर जाग - घणा दिन सो लियो रे Jaag Musafir Jaag घणा दिन सो लियो, रे अब तो जाग मुसाफिर जाग पहला सूत्यो मात गरभ में पुन्दा पैर पसार हाथ जोड़ कर बाहर निकल्यो हरी ने दियो बिसराए जनम तेरा हो लिया रे अब तो जाग मुसाफिर जाग घणा दिन सो लियो, रे अब तो जाग मुसाफिर जाग दूजा सूत्यो मात गोद में हस हस दन्त दिखाए बहन भांजी लोट जिमावे गावें मंगलाचार लाड तेरा हो लिया रे अब तो जाग मुसाफिर जाग घणा दिन सो लियो, रे अब तो जाग मुसाफिर जाग तीजा सूत्यो पिया सेज में मन में बहुत उछाल त्रिया चरित इक जाल रचेयो रे हरी ने दियो बिसराए बिआह तेरा हो लिया रे अब तो जाग मुसाफिर जाग घणा दिन सो लियो, रे अब तो जाग मुसाफिर जाग चौथा सूत्यो शमशाना में लंबा पैर पसार कहत कबीर सुनो रे भाई साधो दीनी आग लगाए दाग तेरा हो लिया रे अब तो जाग मुसाफिर जाग घणा दिन सो लियो, रे अब तो जाग मुसाफिर जाग Line Producer : Rupesh Ranga ▶️ Contact Us On ----- ▶️ http://www.Apr.in ▶️ https://www.facebook.com/profile.php?id=61587502377745 ▶️ https://www.instagram.com/aprproductionofficial/ ▶️ APR PRODUCTION OFFICIAL Helpline - 09680692347 APR Production™ Lyrics - Sant Kabir Das Vocal & Music – Kaluram Bamaniya Group Edit- D.K.Ojha #KabirBhajan #Bhajans ▶️Subscribe Our Channel Now its Free --- https://www.youtube.com/channel/UCjJiQ6_LyLXUnEnsdfAao0A?view_as=subscriber ▶️ Contact Us For More Details +91 9680692347
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